“Unlock Limitless Joy: Discover the Meaning of ‘Jai Shiv Omkara’ for Spiritual Bliss!”

Meaning of Jai Shiv Omkara :

“जय शिव ओंकारा” का अर्थ होता है “हे भगवान शिव, ओंकार की जय!” यह वाक्य भगवान शिव की महिमा और महत्व की स्तुति करता है। इस मंत्र का उच्चारण करने से हम अपने मन को शांति और स्थिरता की प्राप्ति करते हैं, और हमारे आध्यात्मिक अनुभव को भी बढ़ावा मिलता है।

जय शिव ओंकारा की गाने की ध्वनि सुनकर मन की सुख-शांति बढ़ जाती है। इसके साथ ही, पूज्य श्री कान्हा जी महाराज के मुख से इस मंत्र का उच्चारण सुनने से हमारे आत्मा को शांति और आनंद की अनुभूति होती है। इस अद्भुत भावार्थ के प्रकार से, हम अपने आध्यात्मिक संवाद को ऊंचाईयों तक ले जा सकते हैं और अपने जीवन को सकारात्मकता की दिशा में प्रेरित कर सकते हैं।

॥ आरती ॥

जय शिव ओंकारा ॐ जय शिव ओंकारा ।
ब्रह्मा विष्णु सदा शिव अर्द्धांगी धारा ॥

॥ ॐ जय शिव ओंकारा ॥

एकानन चतुरानन पंचानन राजे ।
हंसानन गरुड़ासन वृषवाहन साजे ॥

॥ ॐ जय शिव ओंकारा॥

दो भुज चार चतुर्भुज दस भुज अति सोहे ।
त्रिगुण रूपनिरखता त्रिभुवन जन मोहे ॥

॥ ॐ जय शिव ओंकारा॥

अक्षमाला बनमाला रुण्डमाला धारी।
चंदन मृगमद सोहै भाले शशिधारी ॥

॥ ॐ जय शिव ओंकारा॥

श्वेताम्बर पीताम्बर बाघम्बर अंगे ।
सनकादिक गरुणादिक भूतादिक संगे ॥

शिव तांडव स्तोत्र को नित्य पढ़ने से मिलती है जीवन में सफलता एवं शत्रुओं का होता है नाश ।

॥ ॐ जय शिव ओंकारा॥

कर के मध्य कमंडलु चक्र त्रिशूल धर्ता ।
जगकर्ता जगभर्ता जगसंहारकर्ता ॥

॥ ॐ जय शिव ओंकारा॥

ब्रह्मा विष्णु सदाशिव जानत अविवेका ।
प्रणवाक्षर मध्ये ये तीनों एका ॥

॥ ॐ जय शिव ओंकारा॥

काशी में विश्वनाथ विराजत नन्दी ब्रह्मचारी ।
नित उठि भोग लगावत महिमा अति भारी ॥

॥ ॐ जय शिव ओंकारा॥

त्रिगुण शिवजीकी आरती जो कोई नर गावे ।
कहत शिवानन्द स्वामी मनवांछित फल पावे ॥

॥ ॐ जय शिव ओंकारा॥

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